Sandeep Chaudhary: BJP की जीत या ममता की ‘सेंचुरी’? एक्सपर्ट ने बता दिया पूरा खेल! | Bengal Election on undefined
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Sandeep Chaudhary: BJP की जीत या ममता की ‘सेंचुरी’? एक्सपर्ट ने बता दिया पूरा खेल! | Bengal Election

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बंगाल में लोकतंत्र का सबसे बड़ा उत्सव अपने आखिरी और सबसे निर्णायक पड़ाव पर है। कल, 29 अप्रैल को दूसरे चरण की 142 सीटों पर मतदान होना है, जो तय करेगा कि अगले 5 साल बंगाल पर राज कौन करेगा। एक तरफ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हैं, जो 'लक्ष्मी भंडार' और अपनी लोक-कल्याणकारी योजनाओं के दम पर चौथी बार सत्ता में वापसी का दावा कर रही हैं। ममता दीदी ने साफ कह दिया है कि बंगाल की जनता बाहरी ताकतों को स्वीकार नहीं करेगी। वहीं दूसरी तरफ, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद कमान संभाल रखी है। 'सोनार बांग्ला' और 'भ्रष्टाचार मुक्त बंगाल' का नारा देते हुए पीएम मोदी ने इस बार अपनी रैलियों से बंगाल की राजनीति में हलचल मचा दी है। पहले चरण में 93.19% के रिकॉर्ड मतदान ने सबको चौंका दिया है। क्या यह भारी वोटिंग सत्ता विरोधी लहर है या ममता दीदी के प्रति अटूट भरोसा? बीजेपी के लिए यह चुनाव 'अंतिम किला' फतह करने जैसा है, तो टीएमसी के लिए अपने अस्तित्व को बचाने की जंग। 29 अप्रैल को कोलकाता से लेकर दक्षिण 24 परगना तक, हर बूथ पर मुकाबला काँटे का है। 4 मई को नतीजे बताएंगे—बंगाल में फिर से 'खेला' होगा या 'कमल' खिलेगा!"बंगाल में लोकतंत्र का सबसे बड़ा उत्सव अपने आखिरी और सबसे निर्णायक पड़ाव पर है। कल, 29 अप्रैल को दूसरे चरण की 142 सीटों पर मतदान होना है, जो तय करेगा कि अगले 5 साल बंगाल पर राज कौन करेगा। एक तरफ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हैं, जो 'लक्ष्मी भंडार' और अपनी लोक-कल्याणकारी योजनाओं के दम पर चौथी बार सत्ता में वापसी का दावा कर रही हैं। ममता दीदी ने साफ कह दिया है कि बंगाल की जनता बाहरी ताकतों को स्वीकार नहीं करेगी। वहीं दूसरी तरफ, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद कमान संभाल रखी है। 'सोनार बांग्ला' और 'भ्रष्टाचार मुक्त बंगाल' का नारा देते हुए पीएम मोदी ने इस बार अपनी रैलियों से बंगाल की राजनीति में हलचल मचा दी है। पहले चरण में 93.19% के रिकॉर्ड मतदान ने सबको चौंका दिया है। क्या यह भारी वोटिंग सत्ता विरोधी लहर है या ममता दीदी के प्रति अटूट भरोसा? बीजेपी के लिए यह चुनाव 'अंतिम किला' फतह करने जैसा है, तो टीएमसी के लिए अपने अस्तित्व को बचाने की जंग। 29 अप्रैल को कोलकाता से लेकर दक्षिण 24 परगना तक, हर बूथ पर मुकाबला काँटे का है। 4 मई को नतीजे बताएंगे—बंगाल में फिर से 'खेला' होगा या 'कमल' खिलेगा!"

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