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Mahashivratri 2026: महादेव से वरदान पाने की सबसे चमत्कारी तिथि है महाशिवरात्रि, जानिए शिव-पार्वती विवाह का महत्व और पूजन के विशेष नियम
प्रार्थना हो स्वीकार | 18 minutes | UA-7+
गुड न्यूज टुडे के विशेष कार्यक्रम 'प्रार्थना स्वीकार' में महाशिवरात्रि 2026 के पावन पर्व की तैयारियों और महत्व पर चर्चा की गई. कार्यक्रम में बताया गया कि इस वर्ष 15 फरवरी को शाम 5:04 बजे से चतुर्दशी तिथि शुरू होगी, जो 16 फरवरी शाम 5:34 बजे तक रहेगी. 'महाशिवरात्रि पर चार पहर की पूजा का विधान है, जिसमें पहले पहर में दूध, दूसरे में दही, तीसरे में घी और चौथे में शहद अर्पित करना चाहिए.' इसके साथ ही शीघ्र विवाह के लिए उम्र के बराबर बेलपत्र चढ़ाने और 'नमः शिवाय' मंत्र के जाप का विशेष उपाय बताया गया. भक्तों को सलाह दी गई कि वे शिवलिंग पर हल्दी और शंख से जल न चढ़ाएं, बल्कि चंदन और गंगाजल का प्रयोग करें.
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