
Israel Iran War: Beirut में हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर इजरायली सेना का बड़ा हमला| Netanyahu | Trump
मिडिल ईस्ट अब एक बड़े युद्ध की चपेट में है. अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सेनाओं ने 28 फरवरी 2026 की सुबह ईरान पर बड़े पैमाने पर हमले शुरू किए, जिसे अमेरिका ने 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' और इजरायल ने 'ऑपरेशन लायंस रोर' नाम दिया है. इस हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई, साथ ही IRGC के कई टॉप कमांडर और डिफेंस मिनिस्टर भी मारे गए.अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर वीडियो जारी कर कहा, 'हमने ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल ठिकानों, न्यूक्लियर साइट्स और कमांड सेंटर्स पर 2,000 से ज्यादा हमले किए हैं. खामेनेई और उसके साथी अब नहीं रहे. ईरानी जनता अब अपने देश पर कब्जा कर सकती है.' ट्रंप ने चेतावनी दी कि ऑपरेशन 4-5 हफ्ते तक चल सकता है और 'ऑब्जेक्टिव्स पूरे होने तक रुकेंगे नहीं.'तेहरान ने इजरायल पर सैकड़ों बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन दागे, जिनमें से कुछ तेल अवीव, यरूशलेम और बेइत शेमेश में गिरीं. ईरान ने अमेरिकी बेस और गल्फ देशों (कुवैत, बहरीन, UAE, कतर, सऊदी अरब) पर भी हमले किए, जिसमें 3 अमेरिकी सैनिक मारे गए और 5 गंभीर रूप से घायल हुए. ट्रंप ने कहा, 'हम इन मौतों का बदला लेंगे और अफसोस कि और अमेरिकी शहीद हो सकते हैं.' ईरान की ओर से मौत का आंकड़ा 200 के पार पहुंच गया है. ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने 560 अमेरिकी सैनिकों को मार दिया है या घायल कर दिया है
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