
International Women's Day: पैरों से लिखने वाली मानसी, झांसी की पहलवान बेटी को मेडल, भारत की महिलाएं बन रहीं देश की शान
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर 'नारी शक्ति उत्सव' में संघर्ष से सफलता पाने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया. प्रोफेसर डॉक्टर परिण सोमानी ने अमेलोब्लास्टोमा कैंसर और आंखों की रोशनी खोने के बावजूद दो पीएचडी कीं और आज वह 127 देशों की यात्रा कर चुकीं एक प्रसिद्ध लेखिका और मानवतावादी हैं. गाजियाबाद की 13 वर्षीय मानसी दोनों हाथों से दिव्यांग होने के बाद भी पैरों से पढ़ाई, पेंटिंग, सिलाई और खाना बनाने जैसे कार्य स्वयं करती है. खेल जगत में झांसी की तमन्ना समाधिया ने यूपी राज्य स्तरीय कुश्ती चैंपियनशिप के 61 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में कांस्य पदक जीतकर जिले की पहली महिला पदक विजेता बनने का गौरव प्राप्त किया. आर्थिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में बुंदेलखंड की बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी ने 95,000 महिलाओं को रोजगार प्रदान किया है, जिससे कंपनी का सालाना टर्नओवर 700 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. यह वीडियो इन महिलाओं की अदम्य इच्छाशक्ति और आत्मनिर्भरता की प्रेरक कहानियों को विस्तार से दर्शाता है.
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